
इटवा में कैंडिल जलाकर बाबा साहब को याद किया
आदर्शों पर चलने को कहा, अनुयायियों ने लगाए जयघोष
सिद्धार्थनगर के इटवा में बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर शुक्रवार देर शाम अनुनायियों ने कैंडिल जलाकर उन्हें याद किया। बाबा साहब अमर रहें, जयघोष की गूंज सुनाई देती रही। भारत रत्न बाबासाहेब डा. भीमराव आम्बेडकर की 68 परिनिर्वाण दिवस पर इटवा तहसील मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलो में देर तक कार्यक्रम होते रहे। अनुयायियों ने उनके प्रतिमा पर पुष्प आर्पित करके श्रद्धांजलि देकर उनके जीवन आदर्शों पर प्रकाश डाला।
सामाजिक न्याय के पुरोधा थे बाबा साहब
नगर पंचायत इटवा मे डा. भीमराव आम्बेडकर पैलेस पर शिक्षक ओमप्रकाश के नेतृत्व मे बाबासाहेब डा. भीमराव आम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर लोगो ने एकत्रित होकर डा. भीमराव आम्बेडकर के प्रतिमा के सामने कैडिल जलाकर श्रद्धासुमन आर्पित कर के उन्हे श्रद्धांजलि दी। शिक्षक ओम प्रकाश ने कहा कि बाबा साहब सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। संविधान के जरिये से सभी को अधिकार दिए। उनके जीवन आदर्शों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। करुणेश मौर्य ने कहा कि हम सभी को बाबा साहब के आदर्शों को आत्मसात करें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
यहां भी आयोजित हुए कार्यक्रम
इसी क्रम मे सेमरी खानकोट, पिपरा मुर्गिहवा, धोबहा, सोननगर सहित अन्य गांवो मे उपासको ने दीप प्रज्वलितकरके श्रद्धासुमन आर्पित कर डा. भीमराव आम्बेडकर के जीवन संघर्षो पर प्रकाश डाला। बाबा साहब अमर रहे के जयघोष से कार्यक्रम स्थल गुंजायमान रहा। इस अवसर पर हरिश्चन्द्र, सुनील कुमार आंनद राय, शैलेन्द्र प्रकाश, समर पाल सर्वेश वर्मा, कुवंरदीप रवि प्रताप जय प्रकाश सहित बड़ी संख्या में अनुयायियों की उपस्थिति रही।






